
सनातन चार धामों में पश्चिम धाम · द्वारकाधीश श्रीकृष्ण की राजधानी
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥ श्री द्वारकाधीशाय नमः॥
भावार्थ: वसुदेव के पुत्र, कंस और चाणूर का संहार करने वाले, माता देवकी को परमानंद देने वाले, समस्त जगत के गुरु भगवान श्रीकृष्ण की मैं वंदना करता हूँ।
पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा छोड़ा, तब उन्होंने विश्वकर्मा जी से समुद्र के मध्य 12 योजन लंबी स्वर्णमयी द्वारका नगरी का निर्माण कराया। महाभारत युद्ध के उपरांत, भगवान श्रीकृष्ण के गोलोक गमन के बाद भगवान के प्रपौत्र वज्रनाभ ने इस जगत मंदिर का निर्माण कर राजाधिराज स्वरूप की प्रतिष्ठा की थी।
द्वारका भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि और स्वर्ण नगरी रही है। जब मथुरा छोड़ने के बाद भगवान सौराष्ट्र आए, तो उन्होंने विश्वकर्मा जी से समुद्र के भीतर 12 योजन लंबी स्वर्ण द्वारका का निर्माण कराया। महाभारत के बाद मूल द्वारका समुद्र में समा गई, जिसके पुरातात्विक अवशेष आज भी समुद्र के नीचे मिलते हैं।
मंदिर 7 मंजिला है और इसके शिखर पर 52 गज का विशाल ध्वज (ध्वजाजी) फहराता है जिस पर सूर्य और चंद्र अंकित हैं। यह ध्वज दिन में 5 बार बदला जाता है जिसे भक्त बड़ी श्रद्धा से चढ़ाते हैं। मंदिर में दो मुख्य प्रवेश द्वार हैं: स्वर्ग द्वार (प्रवेश) और मोक्ष द्वार (निकास)।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| मंगला आरती | प्रातः 06:30 - 07:00 | दिन की प्रथम आरती |
| श्रृंगार आरती | प्रातः 10:30 बजे | राजाधिराज का नित्य नवीन वस्त्रों से अलौकिक श्रृंगार |
| संध्या आरती | सायं 07:30 - 08:00 | दीपों से महाआरती |
| शयन आरती | रात्रि 08:30 - 09:00 | शयन भोग एवं विश्राम |
धोती-कुर्ता या शालीन पैंट-शर्ट। हाफ पैंट, शॉर्ट्स वर्जित।
साड़ी या सलवार सूट। शालीन पारंपरिक वस्त्र।
💡 स्वर्ग द्वार पर सुरक्षा जांच एवं लॉकर काउंटर उपलब्ध हैं।
मध्यरात्रि 12:00 बजे कान्हा का जन्मोत्सव और 1000 दीपों की महाआरती
ठाकुर जी संग गुलाल व टेसू के फूलों की होली
छप्पन भोग एवं राजसी श्रृंगार
जामनगर या राजकोट एयरपोर्ट से टैक्सी या बस द्वारा सीधे द्वारका पहुँचा जा सकता है।
द्वारका स्टेशन देश के सभी बड़े शहरों (अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, वाराणसी) से ब्रॉडगेज लाइनों से जुड़ा है।
अहमदाबाद (450 किमी) और राजकोट (230 किमी) से उत्तम 4-लेन हाईवे उपलब्ध है।
100% सात्विक, गंगाजल अभिमंत्रित, संपूर्ण विधि पुस्तिका सहित घर पहुँचाई जाती है।
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