सदा सनातनी:
सनातन पावन वातावरण:
सनातन आरती संग्रह · सम्पूर्ण 15 देवी-देवता

सम्पूर्ण हिन्दू धर्म आरती संग्रह

प्रत्येक प्रमुख सनातनी देवी-देवता की आरती अब पारम्परिक भक्तिमय आरती गान — मधुर गायन, ढोलक, मंजीरा, तानपुरा और हारमोनियम की दिव्य सुर-संगति के साथ!

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🔱 देव आरती गान — ओजस्वी पुरुष स्वर में सम्पूर्ण भक्तिमय आरती गीतआरती सुनने के लिए किसी भी आरती के सामने गोल Play (▶) बटन दबाएं।
आरती सूची (16 उपलब्ध):🔱 पुरुष स्वर
🪆🔱 प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता — भगवान श्री गणेश जी महाराज
🔱 पुरुष स्वर

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा

⏱ 04:32
🔱🔱 देवाधिदेव महादेव — भगवान शिव (भोलेनाथ · महाकाल)
🔱 पुरुष स्वर

ॐ जय शिव ओंकारा

⏱ 05:33
🪷🪷 जगत्पालक वैकुण्ठपति — भगवान श्री विष्णु (नारायण)
🔱 पुरुष स्वर

ॐ जय जगदीश हरे (महाआरती)

⏱ 05:34
🪙💰 धन, धान्य व अष्टैश्वर्य प्रदायिनी — माता महालक्ष्मी जी
🌸 स्त्री स्वर

ॐ जय लक्ष्मी माता

⏱ 05:35
🦁🦁 सर्वशक्तिमयी आदि पराशक्ति — माता दुर्गा (जगदम्बा भवानी)
🌸 स्त्री स्वर

जय अम्बे गौरी (श्री दुर्गा आरती)

⏱ 08:00
🏹🏹 मर्यादा पुरुषोत्तम रघुकुल शिरोमणि — भगवान श्री रामचन्द्र जी महाराज
🔱 पुरुष स्वर

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन (श्री राम आरती)

⏱ 06:16
🦚🦚 योगेश्वर मुरलीधर नन्दगोपाल — भगवान श्री कृष्ण (बांके बिहारी)
🔱 पुरुष स्वर

आरती कुंजबिहारी की (श्री कृष्ण आरती)

⏱ 04:34
🚩🚩 अतुलितबलधामं संकटमोचन — श्री हनुमान जी महाराज (बजरंग बली)
🔱 पुरुष स्वर

आरती कीजै हनुमान लला की

⏱ 04:46
🦢🦢 विद्या, बुद्धि व संगीत प्रदायिनी — वीणावादिनी माता सरस्वती
🌸 स्त्री स्वर

ॐ जय सरस्वती माता

⏱ 04:44
☀️☀️ प्रत्यक्ष साक्षी भुवन भास्कर — भगवान सूर्य नारायण
🔱 पुरुष स्वर

ॐ जय सूर्य भगवान (सूर्य आरती)

⏱ 04:41
🪐⚖️ कर्मफल दाता सूर्यपुत्र — भगवान श्री शनि देव महाराज
🔱 पुरुष स्वर

जय जय श्री शनिदेव (शनि आरती)

⏱ 04:01
📿📿 समस्त वेदों की जननी ज्ञानदायिनी — आदि शक्ति वेदमाता गायत्री
🌸 स्त्री स्वर

जयति जय गायत्री माता

⏱ 04:57
🌊🌊 पापमोचिनी पतितपावनी स्वर्गतरंगिणी — माता श्री गंगा जी महाराज
🌸 स्त्री स्वर

ॐ जय गंगे माता

⏱ 05:02
🌸🌸 मनोकामना पूर्णकारिणी सुखदात्री — माता सन्तोषी जी
🌸 स्त्री स्वर

जय सन्तोषी माता

⏱ 08:02
🌿🌿 वृन्दावन विहारिणी विष्णुप्रिया — माता श्री तुलसी महारानी
🌸 स्त्री स्वर

जय जय तुलसी माता

⏱ 03:44
🚩🚩 दिव्य शंखनाद, मंदिर महाघंटा व सनातन भक्ति संगीत के साथ पावन जयघोष
🔱 पुरुष स्वर

जय बजरंगबली जय हनुमान जय श्री राम (महामंत्र जयघोष)

⏱ 00:39
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आराध्य देव · प्रमुख सनातनी देवता

🔱 प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता — भगवान श्री गणेश जी महाराज

🔱पुरुष स्वर आरती गान
भक्तिमय आरती गान · ओजस्वी पुरुष स्वर (ढोलक, मंजीरा व हारमोनियम)

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा

कुल समय: 04:32
00:00/04:32
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⚡ सीधे पद / चौपाई से सुनें (1-क्लिक में शुरू करें):किसी भी पद पर क्लिक करें
आरती विश्राम
100%
सीधा ऑडियो प्लेयर (किसी भी जगह से प्ले करें)🔱 पुरुष स्वर (सम्पूर्ण भजन-आरती)
👆 किसी भी पद / चौपाई पर क्लिक करके आरती वहीं से शुरू करें
आरंभ (प्रथम पद)यहाँ से सुनें
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पद 2यहाँ से सुनें
एक दन्त दयावन्त चार भुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥ पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥
पद 3यहाँ से सुनें
अन्धन को आँख देत कोढ़िन को काया। बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥ 'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पद 4यहाँ से सुनें
दीनन की लाज राखो, शम्भु-सुत वारी। कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी॥ जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
आध्यात्मिक माहात्म्य: प्रातः एवं सायं सन्ध्या काल में भगवान श्री गणेश जी महाराज की पावन आरती का श्रवण व गायन करने से घर का वातावरण सात्विक व शुद्ध होता है, समस्त नकारात्मक ऊर्जा का निवारण होता है तथा सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है।