
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम · प्रभास पाटन, गुजरात
सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्। भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये॥
भावार्थ: अति रमणीय सौराष्ट्र देश में जो चंद्रकला को मस्तक पर धारण किए हुए ज्योतिर्मय रूप में भक्तों को भक्ति प्रदान करने हेतु कृपापूर्वक अवतीर्ण हुए हैं, उन भगवान सोमनाथ की मैं शरण लेता हूँ।
शिवपुराण के अनुसार, राजा दक्ष ने चंद्रदेव (सोम) को 27 कन्याओं में से केवल रोहिणी से प्रेम करने के कारण क्षय रोग का शाप दिया था। चंद्रदेव की कांति समाप्त हो गई। तब भगवान ब्रह्मा के परामर्श पर चंद्रदेव ने प्रभास तीर्थ में कठोर तपस्या की। भगवान शिव ने प्रकट होकर उन्हें शापमुक्त किया और "सोमनाथ" के नाम से यहीं सदा के लिए विराजमान हो गए।
ऋग्वेद में सोमनाथ का उल्लेख मिलता है। विदेशी आक्रांताओं द्वारा इसे बार-बार तोड़े जाने के बाद भी यह अपनी अखंड गरिमा के साथ हर बार पुनः उठ खड़ा हुआ। स्वतंत्रता के पश्चात भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसके भव्य पुनर्निर्माण का ऐतिहासिक संकल्प लिया तथा भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने यहाँ ज्योतिर्लिंग की पुनः प्राण-प्रतिष्ठा की।
सोलंकी शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण। मंदिर के दक्षिण में स्थापित "बाण स्तंभ" अत्यंत रहस्यमयी और वैज्ञानिक है, जिस पर लिखा है कि इस दिशा से लेकर अंटार्कटिका (दक्षिणी ध्रुव) तक समुद्र में कोई भी भूखंड (जमीन) नहीं है। शिखर 155 फीट ऊँचा है जिसके ऊपर 10 टन का कलश स्थापित है।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| प्रातः आरती | प्रातः 07:00 बजे | दिन की मंगलमय शुरुआत |
| दोपहर आरती | दोपहर 12:00 बजे | राजभोग अर्पण |
| सायं आरती | सायं 07:00 बजे | शंख, डमरू और घंटी के घोष के साथ अलौकिक आरती |
धोती, कुर्ता-पायजामा या शालीन पैंट-शर्ट। हाफ पैंट, बरमूडा और टी-शर्ट पूर्णतः प्रतिबंधित।
साड़ी, सलवार-कमीज। मर्यादापूर्ण भारतीय वस्त्र।
💡 मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर सुरक्षित क्लॉक रूम (लॉकर) की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है जहाँ मोबाइल और गैजेट जमा किए जाते हैं।
4 दिवसीय भव्य मेला और अनवरत जलाभिषेक
विशाल पालकी यात्रा एवं समुद्र तट पर संकीर्तन
त्रिवेणी संगम पर लाखों श्रद्धालुओं का पवित्र स्नान
दीव एयरपोर्ट (85 किमी) और राजकोट एयरपोर्ट से सीधी टैक्सियां उपलब्ध हैं।
वेरावल रेलवे स्टेशन से ऑटो/टैक्सी द्वारा 15 मिनट में मंदिर पहुँच सकते हैं। अहमदाबाद व मुम्बई से सीधी ट्रेनें हैं।
अहमदाबाद (410 किमी), राजकोट (200 किमी) और जूनागढ़ (85 किमी) से गुजरात राज्य परिवहन (GSRTC) की उत्तम बस सेवा है।
100% सात्विक, गंगाजल अभिमंत्रित, संपूर्ण विधि पुस्तिका सहित घर पहुँचाई जाती है।
सोमनाथ मंदिर पूजा किट देखें🔱 सोमनाथ मंदिर दर्शन / पूजा हेतु पंडित बुक करें