
एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग · काल के भी काल महाकाल · उज्जैन
अवंतिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्। अकालमृत्योः परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्॥
भावार्थ: सज्जनों को मुक्ति प्रदान करने और अकाल मृत्यु से रक्षा करने के लिए जिन्होंने अवंतिका नगरी में अवतार लिया, उन देवाधिदेव महाकाल को मैं नमस्कार करता हूँ।
शिवपुराण के अनुसार, दूषण नामक असुर ने जब अवंतिका के धर्मात्मा ब्राह्मणों पर अत्याचार किए, तब भगवान शिव पृथ्वी को फाड़कर महाकाल के रूप में हुंकार भरते हुए प्रकट हुए और उस दैत्य का संहार किया। भक्तों की प्रार्थना पर वे यहीं स्वयंभू ज्योतिर्लिंग रूप में प्रतिष्ठित हुए। दक्षिण दिशा यमराज की मानी जाती है, अतः दक्षिणमुखी होने से महाकाल मृत्यु के भय को भी हर लेते हैं।
अवंतिका नगरी काल-गणना का केंद्र (कर्क रेखा स्थित शून्य रेखांश) रही है। महाकवि कालिदास ने मेघदूत में महाकाल मंदिर का विस्तृत वर्णन किया है। विक्रमादित्य की राजधानी रही यह नगरी 7 मोक्षदायिनी नगरियों में से एक है। 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 900 मीटर लंबे भव्य "श्री महाकाल लोक" का लोकार्पण हुआ।
यह मंदिर त्रितलीय (3 तलों वाला) है। भूतल पर महाकालेश्वर, मध्य तल पर ओंकारेश्वर और शीर्ष तल पर केवल नागपंचमी को खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर विराजित हैं। महाकाल लोक में शिव कथाओं को दर्शाती 108 अलौकिक मूर्तियाँ और 200 फीट चौड़ा रुद्रसागर सरोवर है।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| विश्वविख्यात भस्म आरती | प्रातः 04:00 - 06:00 | चिता भस्म/कंडे की ताजी भस्म से महाकाल का दिव्य स्नान व श्रृंगार |
| दद्योदक आरती | प्रातः 07:00 - 07:45 | दही व शहद से अभिषेक |
| भोग आरती | प्रातः 10:30 - 11:15 | महाकाल को राजसी नैवेद्य अर्पण |
| संध्या कालीन आरती | सायं 05:00 - 05:45 | भव्य पुष्प व भांग श्रृंगार |
| शयन आरती | रात्रि 10:30 - 11:00 | दिन की अंतिम आरती |
भस्म आरती गर्भगृह प्रवेश हेतु: बिना सिले श्वेत सूती धोती एवं सोला (अंगवस्त्र)। सामान्य दर्शन हेतु: शालीन कुर्ता-पायजामा।
भस्म आरती गर्भगृह हेतु: विशुद्ध सूती या रेशमी साड़ी। सामान्य दर्शन हेतु: साड़ी या सलवार सूट। जीन्स, शॉर्ट्स, लेगिंग्स वर्जित।
💡 भस्म आरती के दौरान जब भस्म चढ़ाई जाती है, तब महिलाओं को पर्दा (घूँघट) करने का शास्त्रीय नियम है।
9 दिन तक दूल्हा रूप में अलग-अलग स्वरूपों में बाबा का श्रृंगार
राजाधिराज महाकाल प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर रजत पालकी में निकलते हैं
वर्ष में केवल 24 घंटे के लिए नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलते हैं
इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन के लिए 4-लेन सुपर कॉरिडोर से मात्र 1 घंटे में कैब या बस से पहुँचा जा सकता है।
उज्जैन जंक्शन देश के सभी प्रमुख रेल मार्गों से सीधे जुड़ा है। स्टेशन से महाकाल मंदिर 10 मिनट की दूरी पर है।
इंदौर, भोपाल, रतलाम, कोटा और अहमदाबाद से बेहतरीन बस सेवाएं और नेशनल हाईवे उपलब्ध हैं।
100% सात्विक, गंगाजल अभिमंत्रित, संपूर्ण विधि पुस्तिका सहित घर पहुँचाई जाती है।
महाकालेश्वर मंदिर पूजा किट देखें🔱 महाकालेश्वर मंदिर दर्शन / पूजा हेतु पंडित बुक करें