सती का कंकाल (कमर / कटि भाग) · माँ देवगर्भा व रुरु भैरव · शांतिनिकेतन
कंकाले देवगर्भा सा रुरुश्च भैरवो मतः। कोपाईतीरमाश्रित्य भक्ताभीष्टप्रदायिनी॥
भावार्थ: कंकाल पीठ में देवगर्भा माता और रुरु भैरव विराजमान हैं जो भक्तों की समस्त अभिलाषाएं पूर्ण करते हैं।
यहाँ माता के अस्थि पिंजर का अवशेष गिरा था जो मंदिर के सामने स्थित पावन कुण्ड (शिवकांचि) के भीतर जलमग्न माना जाता है।
बीरभूम को "शैव व शक्तिपीठों की भूमि" कहा जाता है जहाँ 5 प्रसिद्ध शक्तिपीठ स्थित हैं। रवींद्रनाथ टैगोर के शांतिनिकेतन से मात्र 9 किमी दूर यह पीठ तांत्रिक साधना का प्रमुख केंद्र रहा है।
मंदिर के प्रांगण में एक पवित्र कुंड है जिसके तल में माता के अंग की शिला विद्यमान मानी जाती है, जिसे कभी बाहर नहीं निकाला जाता।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| नित्य भोग महाआरती | दोपहर 12:00 | अन्नभोग व खिचड़ी नैवेद्य अर्पण |
| संध्या आरती | सायं 07:00 | कोपाई नदी के तट पर शंख व ढाक वादन |
धोती, कुर्ता या सादे परिधान
साड़ी या सलवार सूट
💡 कुंड के जल को दूषित न करें, हाथ जोड़कर प्रणाम करें।
वार्षिक महास्नान व लोक मेला
नवरात्र में विशेष महायज्ञ व बली अनुष्ठान
कोलकाता नेताजी सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट से ट्रेन या सड़क मार्ग द्वारा बोलपुर पहुंचा जा सकता है।
हावड़ा और सियालदह से बोलपुर शांतिनिकेतन के लिए दर्जनों सुपरफास्ट ट्रेनें हैं। स्टेशन से ऑटो द्वारा 20 मिनट।
कोलकाता से बोलपुर (160 किमी) एनएच 19 होकर 3.5 घंटे में सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है।
100% सात्विक, गंगाजल अभिमंत्रित, संपूर्ण विधि पुस्तिका सहित घर पहुँचाई जाती है।
माँ कंकालीतला शक्तिपीठ (बीरभूम) पूजा किट देखें🔱 माँ कंकालीतला शक्तिपीठ (बीरभूम) दर्शन / पूजा हेतु पंडित बुक करें