
त्रिकूटा पर्वत पर विराजमान महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती का संगम · कटड़ा
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ जय माता दी॥
भावार्थ: हे समस्त मंगलों का मंगल करने वाली, कल्याणदायिनी, समस्त मनोरथों को सिद्ध करने वाली, शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली नारायणी! आपको बारंबार नमस्कार है।
तांत्रिक भैरवनाथ ने माता वैष्णवी की दिव्य शक्ति को देखकर उनका पीछा किया। माता त्रिकूटा पर्वत की ओर भागीं। मार्ग में उन्होंने बाण मारकर बाणगंगा प्रकट की, गर्भजून गुफा (अर्धकुंवारी) में 9 महीने तपस्या की और अंततः भवन पर महाकाली रूप धरकर भैरवनाथ का वध किया। भैरवनाथ की पश्चाताप भरी प्रार्थना पर माता ने वरदान दिया कि जब तक भक्त भैरव मंदिर के दर्शन नहीं करेंगे, तब तक यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाएगी।
महाभारत के कुरुक्षेत्र युद्ध से पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को त्रिकूटा पर्वत पर विजय हेतु माँ भगवती की स्तुति करने का उपदेश दिया था। माता वैष्णवी भगवान विष्णु की भक्ति में लीन होकर कलयुग में कल्कि अवतार की प्रतीक्षा में तपस्या कर रही हैं। 1986 में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) की स्थापना के बाद यहाँ विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गईं।
मूल पवित्र गुफा 98 फीट लंबी है जिसके अंत में तीन दिव्य पिण्डियां प्राकृतिक जलधारा (चरणामृत) से निरंतर अभिसिंचित रहती हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के लिए दो नई सुरंगे बनाई गई हैं। कटड़ा से भवन तक 13 किमी का मार्ग पूर्णतः ढंका हुआ, जगमगाता और अत्याधुनिक है।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| प्रातः दिव्य आरती | प्रातः 06:00 - 08:00 | सूर्य की प्रथम किरण के साथ वेदमंत्रों व भजनों से अलौकिक आरती |
| संध्या दिव्य आरती | सायं 06:00 - 08:00 | दीपों से जगमगाती महाआरती |
धोती-कुर्ता या आरामदायक पैंट-टीशर्ट, चढ़ाई हेतु उपयुक्त जूते।
साड़ी, सलवार-सूट। मर्यादापूर्ण वस्त्र।
💡 कटड़ा बेस कैंप से RFID यात्रा पर्ची (Yatra Access Card) लेना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए अनिवार्य है।
लाखों भक्तों का आगमन और देशी-विदेशी फूलों से भवन की दिव्य सजावट
शतचंडी महायज्ञ और प्रतिष्ठित गायकों द्वारा भजन संध्या
साल की शुरुआत माता के पावन आशीर्वाद से करने का उत्साह
जम्मू एयरपोर्ट से कटड़ा तक 1.5 घंटे में टैक्सी या बस से पहुँचें। कटड़ा से भवन हेतु हेलीकॉप्टर सेवा (सांझीछत तक 8 मिनट) उपलब्ध है।
कटड़ा रेलवे स्टेशन सीधे वंदे भारत एक्सप्रेस सहित देश की सभी प्रमुख ट्रेनों से जुड़ा है। स्टेशन से बाणगंगा चेकपोस्ट 3 किमी दूर है।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे से सीधी और सुगम कनेक्टिविटी।
100% सात्विक, गंगाजल अभिमंत्रित, संपूर्ण विधि पुस्तिका सहित घर पहुँचाई जाती है।
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