मनोकामना पूर्ण करने वाले प्रथम पूज्य · दांयीं सूंड वाले विघ्नहर्ता · मुंबई
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया!॥
भावार्थ: हे घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी देव! मेरे समस्त कार्यों को सदा निर्विघ्न पूर्ण करें।
जब भगवान विष्णु सृष्टि की रचना में व्यस्त थे, तब उनके कानों के मैल से मधु और कैटभ नामक दैत्य उत्पन्न हुए। वे देवताओं को सताने लगे। भगवान विष्णु ने 5000 वर्षों तक उनसे युद्ध किया किंतु परास्त न कर सके। तब शिवजी के परामर्श पर श्रीहरि ने गणेश जी की आराधना की। गणेश जी के आशीर्वाद से विष्णु जी ने दैत्यों का संहार किया। जिस स्थल पर गणेश जी ने सिद्धि प्रदान की, वह "सिद्धिविनायक" कहलाया।
एक निसंतान महिला देउबाई पाटिल की प्रार्थना पर 1801 में इस मंदिर की स्थापना हुई ताकि अन्य निसंतान माताओं को संतान सुख प्राप्त हो सके। आज राजनीति, कला, व्यापार और सामान्य जनजीवन के लाखों श्रद्धालु मंगलवार को नंगे पैर चलकर बप्पा के दर्शन करने आते हैं। मंदिर का आंतरिक गर्भगृह स्वर्ण पतरों से अलंकृत है।
मंदिर 6 मंजिला बहुकोणीय संरचना है जिसके शीर्ष पर 12 फीट ऊँचा स्वर्ण कलश है। गर्भगृह में काले पत्थर की एक ही शिला से तराशी गई 2.5 फीट ऊँची और 2 फीट चौड़ी श्री गणेश की चतुर्भुज प्रतिमा है, जिनके ऊपरी हाथों में कमल और फरसा, निचले हाथों में मोदक और जपमाला है। उनके दोनों ओर माता रिद्धि और सिद्धि विराजमान हैं।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| काकड़ आरती | प्रातः 05:30 - 06:00 | प्रातःकालीन जागरण आरती |
| श्री दर्शन | प्रातः 06:00 - दोपहर 12:15 | सामान्य दर्शन |
| महाभोग एवं महाआरती | दोपहर 12:15 - 12:30 | मोदक भोग अर्पण |
| संध्या आरती | सायं 07:00 - 07:30 | दीपों से आरती |
| शेजारती (शयन) | रात्रि 09:50 - 10:00 | दिन की अंतिम आरती |
धोती-कुर्ता या शालीन पैंट-शर्ट। हाफ पैंट वर्जित।
साड़ी या सलवार-कमीज। मर्यादापूर्ण वस्त्र।
💡 मंगलवार को कतार में अनुशासन बनाए रखें। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग प्रवेश द्वार है।
10 दिवसीय महामहोत्सव, लाखों भक्तों का अनवरत तांता और मोदक भोग
गणेश जन्मोत्सव, भव्य रथयात्रा और विशेष पूजा
रात 2 बजे से ही लाखों श्रद्धालुओं का दर्शन
मुंबई एयरपोर्ट से टैक्सी या मेट्रो द्वारा 30-45 मिनट में प्रभादेवी स्थित मंदिर पहुँचा जा सकता है।
दादर या प्रभादेवी (एलफिंस्टन) लोकल रेलवे स्टेशन से टैक्सी/कैब द्वारा 5 मिनट में मंदिर पहुँचें।
वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, ईस्टर्न एक्सप्रेसवे और बांद्रा-वर्ली सी लिंक से सीधी कनेक्टिविटी।
100% सात्विक, गंगाजल अभिमंत्रित, संपूर्ण विधि पुस्तिका सहित घर पहुँचाई जाती है।
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