
“व्यवसाय में प्रगति, यंत्रों की सुरक्षा एवं शिल्प कौशल की उन्नति हेतु शास्त्रीय पद्धति”
भगवान विश्वकर्मा समस्त यांत्रिक विद्याओं, वास्तुकला और तकनीकी शिल्पकला के जनक हैं। कारखानों, दुकानों, ऑफिस के कम्प्यूटरों, वाहनों और औजारों की विश्वकर्मा पूजा करने से मशीनरी खराब नहीं होती, औद्योगिक दुर्घटनाएं नहीं घटतीं और व्यापार में निरंतर लक्ष्मी का वास रहता है।
पुराने समय में केवल लोहार या बढ़ई पूजा करते थे, परंतु आज के डिजिटल युग में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स अपने लैपटॉप्स, कारखाने अपने बॉयलर्स, और कारीगर अपने टूल्स की पूजा कर अपने आजीविका के साधनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
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घर पर स्वयं करने हेतु सरल एवं प्रमाणिक विधि
सभी कारीगर व प्रतिष्ठान मालिक स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें। गंगाजल मिश्रित जल से सभी मुख्य मशीनों, औजारों व कार्यस्थलों पर मार्जन करें।
ॐ पवित्रः सर्वभूतेषु गङ्गायाः सलिलेन च। शुद्ध्यन्तु सर्वयन्त्राणि विश्वकर्मप्रसादतः॥
सरल अर्थ: पवित्र गंगाजल से समस्त उपकरण शुद्ध हों और भगवान विश्वकर्मा की कृपा से सुचारू रूप से कार्य करें।
चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर अक्षत की ढेरी पर विश्वकर्मा जी की प्रतिमा रखें। दाईं ओर तांबे के कलश में जल, सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखकर उस पर नारियल स्थापित करें।
ॐ विश्वकर्मणे नमः। आवाहयामि स्थापयामि ध्यायामि॥
सरल अर्थ: हे देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा! हम आपका आवाहन, स्थापना और ध्यान करते हैं।
कारखाने की मुख्य मशीन, वाहन, औजार और तिजोरी पर अनामिका से हल्दी-रोली का स्वास्तिक बनाएं। प्रत्येक मुख्य उपकरण पर कलावा बांधें और पुष्प चढ़ाएं।
ॐ विश्वकर्मणे स्वाहा। सर्वसिद्धिप्रदायकाय नमः॥
सरल अर्थ: समस्त सिद्धियों को प्रदान करने वाले भगवान विश्वकर्मा के निमित्त यह आहुति व समर्पण है।
भगवान विश्वकर्मा को पंचामृत से प्रतीकात्मक स्नान कराएं, फिर मोतीचूर के लड्डू, मौसमी फल, बताशे और पान का बीड़ा अर्पित करें।
ॐ अमृतोपस्तरणमसि स्वाहा। विश्वकर्मदेवाय नैवेद्यं समर्पयामि॥
सरल अर्थ: हे विश्वकर्मा देव! यह अमृतमयी नैवेद्य आपको सादर समर्पित है, इसे स्वीकार करें।
हवन कुण्ड में आम की लकड़ी जलाकर 11 या 21 बार "ॐ श्री विश्वकर्मणे नमः स्वाहा" से आहुति दें। गुग्गल व कर्पूर की धूप सम्पूर्ण परिसर में फैलाएं।
शिल्पशास्त्रप्रवक्तारं देवानां कार्यसाधकम्। विश्वकर्माणममलं वन्देऽहं सर्वकामदम्॥
सरल अर्थ: शिल्पशास्त्र के ज्ञाता, देवताओं के कार्यों को सिद्ध करने वाले, समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाले निर्मल विश्वकर्मा जी को मैं प्रणाम करता हूँ।
सपरिवार व समस्त कर्मचारियों के साथ विश्वकर्मा जी की आरती गाएं। इसके पश्चात सभी कर्मचारियों को मिठाई, उपहार व दक्षिणा देकर उनका सम्मान करें।
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
सरल अर्थ: कर्पूर के समान उज्ज्वल, करुणा के अवतार, शिव-पार्वती सहित परमात्मा को मेरा नमन।
ॐ अनघाय विद्महे विश्वकर्मणे धीमहि तन्नः प्रपोदयात्॥
अर्थ: समस्त दोषों से रहित निष्पाप भगवान विश्वकर्मा का हम ध्यान करते हैं, वे हमारी बुद्धि और शिल्प को प्रेरित करें।
लाभ: तकनीकी दक्षता, व्यापार वृद्धि और बौद्धिक सृजनशीलता में तीव्र वृद्धि होती है।
ॐ नमो विश्वकर्मणे सर्वकार्येषु सिद्धिं कुरु कुरु स्वाहा॥
अर्थ: हे विश्वकर्मा देव! मेरे समस्त उद्योग, निर्माण और उद्यम में निर्विघ्न सिद्धि प्रदान करें।
लाभ: कारखाने या व्यापार में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए दैनिक पाठ करें।
कुल 7 वस्तुएं
काशी एवं हरिद्वार के प्रामाणिक ब्राह्मणों द्वारा ऑनलाइन अथवा घर पर आकर शास्त्रसम्मत पूजन संपन्न कराया जाएगा।
पंडित सेवा बुक करेंकारखानों, दुकानों, वाहनों, कम्प्यूटर, औजारों और इंजीनियरिंग उपकरणों की शुद्धि, पूजन और कार्यकुशलता की वृद्धि हेतु विशेष अनुष्ठान।
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